आख़िरकार मिल ही गया पराली का हल, भविष्य में नहीं होगी प्रदुषण में जिम्मेदार

आख़िरकार मिल ही गया पराली का हल, भविष्य में नहीं होगी प्रदुषण में जिम्मेदार नई दिल्ली: अब केंद्रीय मंत्रालय ताप बिजली प्रोजेक्टों में पराली का उपभोग

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आख़िरकार मिल ही गया पराली का हल, भविष्य में नहीं होगी प्रदुषण में जिम्मेदार
नई दिल्ली: अब केंद्रीय मंत्रालय ताप बिजली प्रोजेक्टों में पराली का उपभोग करने के लिए नई तरकीब बना रहा है। इसके लिए किसानों से पराली लेने के सम्बन्धित सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं। अब किसानों को पराली से प्रति टन 5500 रुपए की आमदनी होगी।

असल में पराली की बनी गोलियों में कार्बन को सुखाने की शक्ति होती है। इस के मद्देनज़र बिजली मंत्रालय बिजली प्रोजेक्टों में इनका प्रयोग ज़रूरी करने जा रहा है। इसके साथ पराली और प्रोजेक्ट दोनों के साथ होने वाले प्रदुषण की समस्या से निजात मिलेगा। केन्द्री मंत्री आर.के सिंह “सौभाग्य योजना” का पोर्टल जारी करने के बाद पत्रकारों ने कहा कि अब राष्ट्रिय ताप बिजली निगम लिमटिड के कोयला आधारित सभी बिजली प्रोजेक्टों में 10 प्रतिशत इन गोलियाँ का मिश्रण ज़रूरी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि ऐन.टी.पी.सी. पराली की गोलियाँ बनाने के लिए जल्द ही टेंडर निकालेगी।

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