रायपुर : आदिवासी समाज न अन्याय करता है, न अन्याय सहता है : श्री बृजमोहन अग्रवाल : कृषि मंत्री शामिल हुए शहीद वीरनारायण सिंह जयंती समारोह में

रायपुर : आदिवासी समाज न अन्याय करता है, न अन्याय सहता है : श्री बृजमोहन अग्रवाल : कृषि मंत्री शामिल हुए शहीद वीरनारायण सिंह जयंती समारोह में रायपुर 1

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रायपुर : आदिवासी समाज न अन्याय करता है, न अन्याय सहता है : श्री बृजमोहन अग्रवाल : कृषि मंत्री शामिल हुए शहीद वीरनारायण सिंह जयंती समारोह में

रायपुर 16 दिसम्बर 2017

कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आदिवासी समाज भारत की संस्कृति और परम्पराओं को सहजने में सबसे आगे है। इस समाज के लोगों को अपनी संस्कृति से आत्मीय लगाव होता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि आमतौर पर यह देखा जाता है कि पढ़-लिखकर उच्च पदों पर पहुंचने के बाद लोग अपने संस्कारों को भूल जाते हैं, परन्तु आदिवासी समाज के युवा अपने संस्कारों को नहीं भूलते हैं। आदिवासी समाज यह आचरण उन्हें समृद्ध और खुशहाल बनाता है। श्री अग्रवाल कर देर रात यहां आदर्श पोस्ट मेट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास पेंशनबाड़ा में आयोजित शहीद वीरनारायण सिंह जंयती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। समारोह में राजधानी रायपुर के विभिन्न छात्रावासों में रहने वाले आदिवासी समाज के युवा शामिल हुए। समारोह को छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर. राना ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने समाज के युवाओं से शहीद वीरनारायण सिंह के आदर्शो पर चलने का आव्हान किया।

श्री अग्रवाल ने कहा कि समाज के शिक्षित युवाओं को समाज को आगे ले जाने के लिए जिम्मेदारी लेनी होगी। राज्य सरकार ने युवाओं को पढ़ाने-लिखाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने अनेक योजनाएं शुरू की है। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। युवाओं की मेहनत से ही उनका परिवार और समाज आगे बढ़ेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि बड़ी उम्मीदों के साथ आपके माता-पिता ने शिक्षा प्राप्त करने भेजा है। लगन से पढ़ाई कर आपको अपने परिवारजनों के सपनों को साकार करना होगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि अंग्रेजों ने सालों-साल हिन्दुस्तान पर राज किया। परन्तु छत्तीसगढ़ के बस्तर में आकर अंग्रेजों ने आदिवासी समाज के सामने घुटने टेक दिए। इतिहास बताता है कि आदिवासी समाज ने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया है और न ही अन्याय करने वालों को सहा है। देश को आजाद कराने के क्रांति के दौर में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर गरीबों और मजदूरों की भूख मिटाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद वीरनारायण सिंह का आदर्श जीवन सभी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया।
छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री विकास मरकाम, राज्य युवा आयोग के सदस्य श्री एस.आर. नेताम सहित श्री शंकर लाल उईके, श्री योगेश ठाकुर, श्री जागेश्वर नेताम ने भी समारोह को सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की लोक गायिका एवं पद््म श्री सम्मान प्राप्त श्री ममता चन्द्राकर ने छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

क्रमांक -4008/राजेश

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