पर्याप्त भू-जल वाले इलाकों में ग्रीष्मकालीन धान के लिए नलकूप सिंचाई पर कोई रोक नहीं

रायपुर : पर्याप्त भू-जल वाले इलाकों में ग्रीष्मकालीन धान के लिए नलकूप सिंचाई पर कोई रोक नहीं : राज्य सरकार ने कमिश्नरों-कलेक्टरों को जारी किया परिपत

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रायपुर : पर्याप्त भू-जल वाले इलाकों में ग्रीष्मकालीन धान के लिए नलकूप सिंचाई पर कोई रोक नहीं : राज्य सरकार ने कमिश्नरों-कलेक्टरों को जारी किया परिपत्र

दलहन-तिलहन के स्थान पर गर्मी का धान लगाने के संबंध में
पेयजल की स्थिति को देखकर निर्णय लेने कलेक्टर अधिकृत

रायपुर, 19 दिसम्बर 2017

राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पर्याप्त भूमिगत जल स्तर वाले ऐसे इलाकों में जहंा पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने की आशंका नहीं है, ऐसे क्षेत्र विशेष अथवा गांव विशेष में ग्रीष्मकालीन धान लगाए जाने और उसके लिए नलकूप से सिंचाई के लिए पानी लेने पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है, लेकिन दलहन-तिलहन की फसल को प्रोत्साहित किया जाना है।
मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इस आशय का परिपत्र राज्य के समस्त संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को जारी किया है। परिपत्र में खरीफ वर्ष 2017 में कम वर्षा के कारण सूखे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन धान को हतोत्साहित करने और प्रभावित इलाकों में संरक्षित जल के दक्षतापूर्ण उपयोग के बारे में स्थिति स्पष्ट की गई है। मुख्य सचिव ने आज के परिपत्र में पिछले महीने की 18 तारीख को जारी अपने परिपत्र का उल्लेख किया है और कहा है कि उस पत्र के माध्यम से खरीफ 2017 में प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में कम वर्षा के फलस्वरूप ग्रीष्मकालीन धान को हतोत्साहित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
श्री ढांड ने आज के परिपत्र में लिखा है-राज्य शासन द्वारा विचारोपरांत निर्णय लेकर यह स्पष्ट किया जा रहा है कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जहां पर्याप्त भूमिगत जल स्तर है और जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने की आशंका नहीं है, ऐसे क्षेत्र विशेष अथवा ग्राम विशेष में ट्यूबवेल के माध्यम से ग्रीष्मकालीन धान लगाने पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध या रोक नहीं है, लेकिन दलहन-तिलहन की फसल को प्रोत्साहित किया जाना है। तथापि किसानों को ऐसे क्षेत्रों में दलहन-तिलहन के स्थान पर ग्रीष्मकालीन धान लगाए जाने के संबंध में पेयजल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने के लिए जिला कलेक्टरों को अधिकृत किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है।

क्रमांक- 4046/स्वराज्य

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