महासमुंद : शतप्रतिशत प्रसव संस्थागत कराने के निर्देश : स्वास्थ्य विभाग के फिल्ड अधिकारियों की बैठक

📅19 Dec 2017   महासमुंद : शतप्रतिशत प्रसव संस्थागत कराने के निर्देश : स्वास्थ्य विभाग के फिल्ड अधिकारियों की बैठक महासमुंद , 19 दिसंबर 2017

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महासमुंद : शतप्रतिशत प्रसव संस्थागत कराने के निर्देश : स्वास्थ्य विभाग के फिल्ड अधिकारियों की बैठक

महासमुंद , 19 दिसंबर 2017

कलेक्टर श्री हिमशिखर गुप्ता ने गत दिवस स्वास्थ्य विभाग के फिल्ड अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में शतप्रतिशत प्रसवों को संस्थागत प्रसव के रूप में कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घर में डिलवरी कराएं जाने के कुछ प्रकरणों की जानकारी मिलने पर उनके कारणों की जांच कराने को कहा, जिससे भविष्य में ऐसी महिलाओं को ना सिर्फ चिकित्सालय में प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया जा सके बल्कि ऐसे संभावित अन्य प्रकरणों को घर में प्रसव कराने की अपेक्षा चिकित्सालय में प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने ऐसे प्रकरण सामने आने पर संबधित क्षेत्रों के एएनएम, एमपीडब्लू और सूपरवाईजर आदि से स्पष्टीकरण लेने तथा उनके विरूध्द कार्रवाई करने को भी कहा।
कलेक्टर ने जिले के सभी चिकित्सालयों को साफ-सुथरा, आकर्षक, व्यवस्थित और हाईजनिक बनाने को कहा। साथ ही सभी सामुदायिक चिकित्सालयों और मुख्य रोड के समीप के चिकित्सालयों जैसे झलप-पटेवा में रात में लाईटयुक्त ग्लोसाईन बोर्ड लगाने को कहा, जिससे अनजाने राहगीर या नागरिकों को भी रात में चिकित्सालय पहुंचने में आसानी हो।
कलेक्टर ने महासमुंद जिले के कुष्ठ रोकथाम के लिए चलाए जा रहे चरणवार कुष्ठ जांच खोज और उपचार अभियान को और अधिक मेहनत एवं गंभीरता से संचालित करने के निर्देश दिए तथा पुराने कुष्ठ प्रकरणों की भी माप-अप अभियान के माध्यम से जांच करने को कहा, जिससे प्रभावितों को कुष्ठ से निजात दिलाए जाने के कार्य को सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि हर बुधवार को जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में होने वाला ’’हेल्थ वेडनेस डे’’ अभियान का अच्छा रिजल्ट आ रहा है। ऐसे बच्चें जो गंभीर रूप से कुपोषित रहते हैं उन्हें पोषण पुनर्वास केन्दों में लाए जाने के उपरांत जब वे वापस लौटते है तो उनमें सुधार देखने को मिलता है और उनका वजन अधिक हो जाता है। बैठक में बताया गया कि जिला चिकित्सालय सहित बागबाहरा और सरायपाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के दंत चिकित्सा युनिट में आरसीटी (रूट केनाल डैरेपी) प्रारंभ हो गई है। बैठक में कलेक्टर ने पुरूष नसबंदी पर जोर दिया और चिकित्सालयों में लक्ष्य की समय सीमा में पूर्ति करने को कहा। बैठक में बताया गया कि जिले में ऐसे 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का चयन किया गया है जो 24 घंटे सातों दिन नागरिकों चिकित्सा सेवाएं को देंगे।

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