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फुटबाल के नियम की जानकारी




आधिकारिक
खेल के नियमों (Laws of the Game) में सत्रह नियम हैं | फुटबॉल के सभी स्तर में यही
नियम लागु होते हैं जबकि कुछ समूहों जैसे जूनियर, बुजुर्ग या महिलाओं के लिए कुछ
संशोधन की अनुमति दी जाती है. अक्सर नियम व्यापक दष्टि के लिए बने होते हैं, जो खेल
के स्वरुप के आधार पर लचीलापन प्रदान करता है| सत्रह नियमों के आलावा आईएँफ़ऐबी की
कई फैसलें और अन्य निर्देश फुटबॉल के नियमन में योगदान देता है| फीफा के द्वारा खेल
के नियम प्रकाशित किए गए हैं लेकिन फीफा के द्वारा ही नही बल्कि अंतरराष्ट्रीय
फुटबॉल असोसिएशन बोर्ड (International Football Association Board) के द्वारा बनाये
रखा गया है।

खिलाड़ीए उपकरण और कर्मचारी
प्रत्येक टीम में अधिकतम ग्यारह खिलाड़ी होते हैं (अतिरिक्त खिलाड़ी (substitute) को
छोड़कर) उसमें से एक खिलाड़ी गोलकीपर (goalkeeper) होना चाहिएण् प्रतियोगिता कानून
बता सकता है की एक टीम को बनाने में कितने खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है, आमतौर पर
सात होते हैं. गोल कीपर एकमात्र ऐसा खिलाड़ी होता है जो अपने हाथ या बांह में गेंद
पकड़ कर खेलने की अनुमति होती है लेकिन वह अपने गोल के सामने पेनाल्टी क्षेत्र
(penalty area) तक ही ऐसा कर सकता हैण. यद्यपि इसमें कई पोजीशन (positions) होते
हैं जिसमें कोच के द्वारा रणनीति के अनुसार उनको वह पोजीशन मिलता है किसी कानून में
इन पोजीशनों का उल्लेख नही है और न उसकी आवश्यकता है।
बुनियादी उपकरण या कीट (kit) की जो आवश्यकता है उसमें शटर्स,शोटर्स,मोजे, जूते और
पिंडली गार्ड आदि इसमें शामिल हैं। बुनियादी उपकरण में सर गार्ड (Headgear) की
आवश्यकता नही है, लेकिन खिलाड़ी अपने सर की चोट से सुरक्षा के लिए इसका इस्तेमाल कर
सकते हैं खिलाड़ी ऐसा कुछ पहनने या इस्तेमाल करना वर्जित हैं जिससे ख़ुद को या अन्य
खिलाड़ी के लिए खतरनाक साबित हो जैसे गहने या घड़ी गोल कीपर को ऐसे कपड़े पहनने चाहिए
जिससे अन्य खिलाड़ियों तथा अधिकारीयों द्वारा आसानी से अलग पहचाना जाना चाहिए।
अनेक खिलाड़ी खेल के बीच में स्थानापन्न के द्वारा बदले जा सकते है। अधिकतर
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता और घरेलु लीग खेलों में अधिकतम तीन खिलाड़ी को बदलने की
अनुमति प्राप्त है हालाँकि अन्य प्रतियोगिताओं या दोस्ताना मैचों में इसकी संख्या
अलग हो सकती है। खिलाड़ी को बदलने के पीछे सामान्यत: कारण चोटए थकानए युद्ध क्षमता
कम हो जानाए एक तकनीकए या असमंजस खेल के अंत में समय की व्यर्थता (time wasting) के
लिए आदि होते हैं। आदर्श व्यस्क मैचों में जो खिलाड़ी एक बार बदल जाते हैं वे मैच का
हिस्सा नही रहते हैं।
मैच के लिए जिस रेफरी (referee) को नियुक्त किया जाता है उस मैच में उसके पास खेल
के नियमों को लागु करने का पूर्ण अधिकार होता हैए और उसका निर्णय अन्तिम होता है।
रेफरी दो सहायक रेफरी
(assistant referee) के द्वारा सहायता ग्रहण करता है। उच्च स्तरीय खेलों में एक
चौथा अधिकारी
(fourth official) भी होता है जो रेफरी को सहायता प्रदान करता है और जरुरत के
अनुसार उसके बदले दूसरा अधिकारी भी आ सकता है।

पिच
आदर्श पिटच मापन -
जैसा की नियम इंग्लैंड में बने थे और आरम्भ में आई एँफ ऐ बी (IFAB) के भीतर चारों
ब्रिटिश फुटबॉल असोसिएशन ने प्रशासित कियाए फुटबॉल पिच का एक आदर्श आयाम मूल रूप से
शाही यूनिट (imperial units) में व्यक्त किया गया। अब नियम को अनुमानित माप के साथ
आयामों को अभिव्यक्त किया गया (पारंपरिक इकाइयों द्वारा), हाल के मापिये
(metrication) का इतिहास के साथ इंग्लिश बोलने वाले देशों में लोकप्रियता का प्रयोग
पारंपरिक इकाइयों को ध्यान में रखने के लिया किया गया जैसे ब्रिटेन।
अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए पीच की लम्बाई 100-110 मीटर की श्रेणी में है (110-120
यार्ड) और चौडाई 64-75 मीटर की श्रेणी में है (70-80 यार्ड) गैर अंतरराष्ट्रीय
मैचों के लिए 91-120 मीटर लम्बाई हो सकता है (100-130 यार्ड) और चौडाई 45-91मीटर
(हो सकता है अगर पीच एक वर्ग नही बनता है। सबसे बड़ी सीमा रेखाएं टच रेखाएं या
किनारे की रेखाएं हैं जबकि छोटी सीमा (जहाँ से गोल मारा जाता है) गोल की रेखाएं
हैं। आयताकार गोल प्रत्येक गोल रेखा के मध्य पर स्थित होती है। पुरे मैदान में
ऊर्ध्वाधर गोल पोस्ट का भीतरी किनारा 7.3 मीटर अवश्य होता है (8यार्ड) इसके आलावा
क्षैतिज क्रॉसबार जो गोल पोस्ट द्वारा समर्थित होती है, का निचला छोर 2.44 मीटर
होना चाहिए। ( 8 फीट ) आम तौर पर जाल गोल के पीछे रखा जाता है, लेकिन कानून के
अनुसार उसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
प्रत्येक गोल के सामने का क्षेत्र पेनाल्टी क्षेत्र (penalty area) के रूप में जाना
जाता है। यह क्षेत्र गोल रेखा के द्वारा चिन्हित रहती हैए दो रेखाएं गोल पोस्ट से
शुरू होती और जो गोल पोस्ट से 16.5 मीटर की दुरी तक होती हैं (18 यार्ड) और पीच की
पंक्ति ओर 16.5 मीटर बढती जाती हैं, और रेखा वहाँ मिलती है। इस क्षेत्र का अनेक
कार्य है| सबसे प्रमुख कार्य यह है की गोल कीपर गेंद को कहाँ पकड़ता है और कहाँ बचाव
दल के सदस्यों द्वारा पेनाल्टी फौल होती है जिससे पेनाल्टी किक (penalty kick) की
सजा मिलती है। अन्य चिन्हें गेंद के पोजीशन या खिलाड़ी का किक मारने, गोल किक,
पेनाल्टी किक और कोर्नोर किक को परिभाषित करती हैं।
अवधि और टाई को तोड़ने की विधि
एक आदर्श फुटबॉल मैच 45 मिनिट का दो अवधि का होता है जिसे हाल्व (आधा) कहते हैं।
प्रत्येक आधा निरंतर चलती रहती है अर्थात घड़ी तब भी नहीं रूकती जब गेंद खेल से बाहर
चली जाती है। सामान्यत: दो आधा के बीच में पन्द्रह मिनिट का आधे समय में विराम होता
है मैच का अंत पूरा समय कहलाता है।
रेफरी
मैच का आधिकारिक समय का ध्यान रखने वाला होता है और खिलाड़ी को बदलते समय, खिलाड़ी को
चोट लगने के कारण खेल रुक जाता है या अन्य ठहराव के कारण रेफरी भत्ता के रूप में और
समय दे सकता है सामान्यत: जोड़ा गया समय को ठहराव समय या चोट समय कहा जाता है और यह
पूर्ण रूप से रेफरी के विवेकाधिकार पर निर्भर होती है। रेफरी के एक संकेत से मैच का
अंत होता है। जहाँ मैच में चौथा अधिकारी होता है, आधे के अंत में रेफरी संकेत देता
है की ठहराव समय कितना जोड़ना चाहिए। उसके बाद चौथा अधिकारी खिलाड़ी और दर्शकों को
पकड़े हुए बोर्ड से सूचित करता है। उसके बाद भी रेफरी उस समय को बड़ा सकता है।
अत्यधिक समय जोड़ने का कार्य 1891 में एक मैच के दौरान स्टोक (Stoke) और अस्तों
विल्ला (Aston Villa) के बीच एक घटना की वज़ह से हुई थी। मैच का केवल 1.0 मिनिट बाकी
था और स्टोक को पेनाल्टी मिला था। गोल कीपर विल्ला गेंद को मैदान के बाहर मार दिया
और जब तक गेंद वापस आती तब तक 90 मिनिट समाप्त हो गए थे और खेल समाप्त हो गया।
लीग प्रतियोगिताओं में खेल का समापन ड्रा के साथ हो सकता है, लेकिन कुछ नोक आउट
प्रतियोगिताओं में अगर खेल निर्धारित समय तक टाई रहा तो वह मैच अतिरिक्त समय तक चल
सकता है, जो पन्द्रह मिनिट का दो अवधि होता है। अगर स्कोर अतिरिक्त समय के बाद भी
टाई रहता है तो कुछ प्रतियोगिताओं में पेनाल्टी शूट आउट (penalty shootouts)
(अधिकारिक रूप में खेल के नियम के अनुसार पेनाल्टी चिन्ह से किक मारना कहा जाता है)
का प्रयोग किया जाता है जिसमें जो टीम आगे आएगी वह टीम प्रतियोगिता के अगले चरण में
जायेगी। अतिरिक्त समय के दौरान जो गोल की जाती है वह खेल का अन्तिम स्कोर होता है
लेकिन पेनाल्टी चिन्ह से जो किक मारा जाता है उसका प्रयोग केवल यह निर्णय करने के
लिए होता है की कौन सी टीम प्रतियोगिता के अगले चरण में जायेगी। ( पेनाल्टी शूट आउट
के दौरान जो गोल स्कोर किए जाते हैं वह अन्तिम स्कोर का हिस्सा नहीं होता)।
दो पैरों के प्रतियोगिता में ( जिसमें प्रत्येक टीम अपने देश में एक बार खेलेगा)
खेल में समान स्कोर वाले बनाने वाले टीमों के आगे ले जाने के लिए देश के बाहर के
गोल वाला नियम (away goals rule) का प्रयोग कर सकते हैं, और विजेता वही होता है जो
देश से बाहर पैर से खेलने वाला होता है। यदि परिणाम फिर भी बराबर हो तो आम तौर पर
पेनाल्टी चिन्ह से किक मारना आवश्यक है हालाँकि कुछ प्रतियोगिताओं में टाई होने से
खेल को फिर से खेला जाना आवश्यक है।


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