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अचानकमार टाइगर रिजर्व का दायरा अब बढ़कर 2,800 हेक्टेयर हुआ


बिलासपुर. अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) का दायरा अब और बढ़ गया है। बिलासपुर वन मंडल के कोटा रेंज का 2,800 हेक्टेयर जंगल और उसका स्टाफ शुक्रवार से रिजर्व के अधीन कर दिया गया। यह टाइगर रिजर्व के बफर जोन का एरिया है, जो अब तक बिलासपुर वन मंडल के अधीन था। इससे पहले मुंगेली वन मंडल के अंतर्गत लोरमी व खुड़िया रेंज के 11,200 हेक्टेयर जंगल व स्टाफ का हस्तांतरण 14 जुलाई को हुआ था। अब जंगल की सुरक्षा पुख्ता होगी।

एटीआर की स्थापना वर्ष 2009 में की गई थी। तब से इसके संचालन का दोहरा दायित्व बिलासपुर वन मंडल उठाता आ रहा है। मुंगेली वन मंडल बनने के बाद टाइगर रिजर्व के बफर जोन के हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो गई। राज्य शासन ने 27 अक्टूबर 2013 को टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले बफर जोन का दायित्व स्टाफ समेत टाइगर रिजर्व को हस्तांतरित करने के आदेश दिए थे। तीन अलग-अलग वन मंडलों में बंटे टाइगर रिजर्व के बफर जोन का प्रभार सौंपने में हीले-हवाले होते रहे। अभी भी मरवाही वन मंडल के कबीर चबूतरा, आमाडोब और केंवची का 4,500 हेक्टेयर एरिया टाइगर रिजर्व को हस्तांतरित होना बाकी है। अब मरवाही के तीन बीट समेत इसके अंतर्गत तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को टाइगर रिजर्व को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।

चार चिट्ठियां और महीनों के इंतजार बाद हुआ हस्तांतरण

बिलासपुर वन मंडल के अंतर्गत पांच बीट और 14 कंपार्टमेंट वाले 2,800 हेक्टेयर वन क्षेत्र के हस्तांतरण की प्रक्रिया करीब 10 महीने से चल रही थी। टाइगर रिजर्व के असिस्टेंट डायरेक्टर एसके शर्मा इस मामले में वन मंडलाधिकारी से लेकर सीसीएफ स्तर तक को चार चिट्ठियां लिख चुके थे। उन्होंने इस मामले में प्रशिक्षु आईएफएस साइलो मंडावी से पहल करने के लिए कहा। इसके बाद डीएफओ एसपी मसीह से चर्चा की और कुछ ही घंटों के अंदर कोटा रेंज के अंतर्गत शिवलखार पूर्व और पश्चिम, शिवतराई के पूर्व व पश्चिम और छुईहा बीट एटीआर के अधीन कर दिया गया। इसके साथ एक डिप्टी रेंजर और पांच फाॅरेस्ट गार्ड भी मिले हैं। अब से यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व के सीधे नियंत्रण में आ जाएगा।

सुको ने दिया था आदेश: टाइगर रिजर्व के बफर जोन के हस्तांतरण की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दो साल पहले शुरू की गई थी, जिसे अब जाकर मुकाम हासिल हुआ। कोर्ट ने कहा था कि बफर और कोर एरिया पर एक ही विभाग का नियंत्रण होना चाहिए।

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